
जानिए तुलसी माला पहनने के बाद क्या नहीं करना चाहिए
, by Anil kumar, 3 min reading time

, by Anil kumar, 3 min reading time
तुलसी माला का हिंदू धर्म में अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व है। इसे धारण करने से मन शांत होता है, भक्ति में वृद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन तुलसी माला पहनने के बाद कुछ नियमों का पालन न करना इसके प्रभाव को कम कर सकता है।
यदि आप तुलसी माला पहनते हैं या पहनने की सोच रहे हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि इसके बाद आपको किन बातों से बचना चाहिए।
तुलसी एक अत्यंत पवित्र पौधा है, और इसकी माला पहनना एक धार्मिक संकल्प माना जाता है। मांस, मछली या शराब का सेवन करने से इसके आध्यात्मिक प्रभावों में कमी आती है।
👉 अगर आप शुद्ध सात्विक जीवनशैली अपनाना चाहते हैं, तो यह तुलसी माला आपके लिए उपयुक्त है।
तुलसी माला धारण करते समय शौचालय, श्मशान भूमि या अन्य अपवित्र स्थानों पर जाना अनुचित माना जाता है। यदि जाना आवश्यक हो तो माला को उतार कर सुरक्षित स्थान पर रखें।
गृहस्थ जीवन में रहते हुए जब आप शारीरिक संबंध बनाते हैं, तब तुलसी माला को उतार देना चाहिए। इसे पहनकर ऐसा करना धार्मिक दृष्टि से अनुचित होता है।
रात्रि में सोते समय माला को उतारकर पूजास्थल में या किसी पवित्र स्थान पर रखें। इससे माला की पवित्रता बनी रहती है।
📿 यदि आप ऐसी माला चाहते हैं जिसे आसानी से उतारा और पहना जा सके, तो यह हल्की व सुंदर तुलसी कंठी माला एक बेहतरीन विकल्प है।
तुलसी माला को ज़मीन पर गिराना या फेंकना अपवित्र माना जाता है। इसे हमेशा साफ स्थान या माला बॉक्स में रखें।
तुलसी माला पहनना एक धार्मिक संकल्प है, इसलिए इसे पहनकर झूठ बोलना, धोखा देना या बुरा व्यवहार करना पूरी तरह वर्जित है। ऐसा करने से आध्यात्मिक ऊर्जा नष्ट होती है।
तुलसी माला पहनना केवल एक धार्मिक आभूषण नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक ज़िम्मेदारी भी है। यदि आप इसके नियमों का पालन करते हैं, तो यह माला आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपको मानसिक, आध्यात्मिक और ऊर्जा स्तर पर मजबूत बना सकती है।
क्या आप भी शुद्ध तुलसी माला खरीदना चाहते हैं? तो Tulsi Rudra पर जाएं और अपने लिए सबसे पवित्र और सुंदर तुलसी माला का चयन करें।