क्या प्याज़ और लहसुन खाने के बाद तुलसी की माला पहन सकते हैं?

क्या प्याज़ और लहसुन खाने के बाद तुलसी की माला पहन सकते हैं?

, by Anil kumar, 3 min reading time

तुलसी की माला को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, मन और आत्मा की शुद्धि होती है, और यह ईश्वर से जुड़ने का माध्यम मानी जाती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न आता है कि क्या जो लोग प्याज़ और लहसुन खाते हैं, वे तुलसी की माला पहन सकते हैं?

आइए इस प्रश्न को धार्मिक, आध्यात्मिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण से समझते हैं।

तुलसी माला का आध्यात्मिक महत्व

तुलसी का पौधा माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और यह भगवान विष्णु की प्रिय है। तुलसी की माला को धारण करने से व्यक्ति में सात्त्विकता आती है, ध्यान और जप की शक्ति बढ़ती है, और आसपास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

तुलसी माला केवल एक आभूषण नहीं है, यह एक आध्यात्मिक रक्षा कवच है।

प्याज़ और लहसुन क्यों माने जाते हैं 'तामसिक'?

आयुर्वेद और योग शास्त्रों के अनुसार भोजन को तीन प्रकार में बाँटा गया है:

  • सात्त्विक: फल, सब्ज़ियाँ, अनाज, दूध आदि – मन को शांत रखते हैं।
  • राजसिक: तीखा, मसालेदार भोजन – ऊर्जा देते हैं लेकिन बेचैनी भी बढ़ा सकते हैं।
  • तामसिक: मांस, प्याज़, लहसुन, बासी भोजन – मन को भारी, आलसी और कामुक बना सकते हैं।

तुलसी माला सात्त्विक जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है, जबकि प्याज़ और लहसुन तामसिक प्रवृत्ति के माने जाते हैं।

क्या प्याज़ और लहसुन खाने के बावजूद तुलसी माला पहन सकते हैं?

हां, आप प्याज़ और लहसुन खाने के बावजूद तुलसी माला पहन सकते हैं, लेकिन इसके साथ कुछ सावधानियाँ रखनी चाहिए।

✔ पारंपरिक दृष्टिकोण:

  • वैष्णव धर्म और कई धार्मिक परंपराएँ प्याज़ और लहसुन को त्यागने की सलाह देती हैं।
  • माना जाता है कि तुलसी माला धारण करते समय तामसिक आहार से बचना चाहिए ताकि माला की ऊर्जा अशुद्ध न हो।

✔ यदि आप प्याज़-लहसुन खाते हैं तो:

  • भोजन के समय तुलसी माला को उतार दें और खाना खाने के बाद हाथ-मुँह धोकर पुनः पहनें।
  • माला को किसी पवित्र स्थान पर रखें और ध्यानपूर्वक उसका सम्मान करें।
  • आप धीरे-धीरे सात्त्विक आहार की ओर भी बढ़ सकते हैं – यह आपके आध्यात्मिक विकास में सहायक होगा।

आस्था और व्यवहार का संतुलन

आज के समय में हर व्यक्ति पूर्णतः नियमों का पालन नहीं कर पाता, लेकिन यदि आप श्रद्धा और आदर के साथ तुलसी माला पहनते हैं, तो वह स्वयं आपको सही मार्ग की ओर ले जाएगी। धार्मिकता का मूल उद्देश्य बाहरी शुद्धता नहीं बल्कि अंतर्मन की शुद्धता है।

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निष्कर्ष

प्याज़ और लहसुन खाना आपकी आध्यात्मिक यात्रा में कोई बाधा नहीं है यदि आप तुलसी माला को श्रद्धा और सम्मान के साथ धारण करते हैं। यदि आप आहार में बदलाव नहीं कर सकते, तो भी आप तुलसी माला पहन सकते हैं, बस उसकी पवित्रता और ऊर्जा का ध्यान रखें।

आध्यात्मिकता पूर्णता से नहीं, बल्कि निष्ठा और सच्चाई से प्राप्त होती है।


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