
असली तुलसी माला की पहचान कैसे करें? जानिए आसान तरीके
, by Anil kumar, 3 min reading time

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हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। तुलसी की माला जप, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए धारण की जाती है। लेकिन आजकल बाजार में नकली तुलसी मालाओं की भरमार है। ऐसे में सवाल उठता है — असली तुलसी माला की पहचान कैसे करें?
असली तुलसी की माला में हल्की-हल्की प्राकृतिक सुगंध होती है, जो समय के साथ भी बनी रहती है। नकली मालाओं में ऐसी सुगंध नहीं होती या फिर कृत्रिम खुशबू मिलाई जाती है।
असली तुलसी के दाने पानी में रखने पर रंग नहीं छोड़ते और उनका स्वरूप वैसा ही बना रहता है, जबकि नकली दाने या तो रंग छोड़ते हैं या फूल जाते हैं।
तुलसी की लकड़ी बहुत हल्की होती है। असली तुलसी माला हाथ में लेने पर हल्की महसूस होती है और हल्की सी खड़क जैसी आवाज भी आती है।
जब असली तुलसी के दानों को हल्की अग्नि में रखा जाता है तो वे जल्दी जलते नहीं और अगर जलते हैं तो उनकी खुशबू भी तुलसी जैसी आती है।
इसलिए हमेशा भरोसेमंद स्थान से ही तुलसी माला खरीदें।
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असली तुलसी माला की पहचान करना बेहद ज़रूरी है, ताकि आपका जप, पूजा और ध्यान सही रूप में फलदायक हो। जब भी तुलसी माला खरीदें, तो केवल प्रमाणित स्रोतों से ही लें जैसे Tulsi Rudra।
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